क्या आपने कभी ट्रेन का टिकट बुक करते समय RAC Status देखा है और परेशान हो गए हैं? क्या आप जानना चाहते हैं कि RAC in Train और क्या आपको इस स्टेटस में यात्रा करने की अनुमति मिलेगी? अगर आपका जवाब हां है, तो यह गाइड आपके लिए है!

IRCTC पर टिकट बुक करते समय अक्सर लोग RAC (रेस) को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। क्या यह कन्फर्म्ड सीट है? क्या आप यात्रा कर पाएंगे? आज हम इसी टॉपिक पर RAC in Train Train Facts और IRCTC Tips के साथ पूरी जानकारी देंगे।
RAC क्या है? सरल भाषा में समझें ( RAC in Train in Hindi?)
RAC का फुल फॉर्म है “Reservation Against Cancellation”। हिंदी में इसे “रद्द होने के विरुद्ध आरक्षण” कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां आपका टिकट पूरी तरह से कन्फर्म नहीं होता, लेकिन पूरी तरह से वेटलिस्ट भी नहीं होता। RAC in Train
सीधे शब्दों में: RAC स्टेटस का मतलब है कि आपको यात्रा करने की अनुमति तो मिल जाएगी, लेकिन आपकी अपनी पूरी सीट/बर्थ गारंटीड नहीं है। आपको एक शेयर्ड सीट या बर्थ मिलेगी। RAC in Train
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RAC टिकट पर आपको क्या मिलता है? : RAC in Train
- यात्रा की अनुमति: आप ट्रेन में सवार हो सकते हैं (वेटलिस्ट से यही बड़ा फर्क है)।
- शेयर्ड बर्थ: आपको एक बर्थ (सीट/स्लीपर) दूसरे RAC यात्री के साथ शेयर करनी पड़ सकती है।
- सीट के लिए उम्मीद: यात्रा से पहले अगर कोई यात्री अपना कन्फर्म्ड टिकट कैंसल कर देता है, तो उसकी सीट सबसे पहले RAC वाले यात्री को मिलती है।
RAC की कैसे बदलती है स्थिति? PNR Status Journey
RAC की जर्नी बेहद दिलचस्प है। यहां देखें कैसे बदल सकता है आपका स्टेटस: RAC in Train
- शुरुआत: आपका टिकट RAC के साथ बुक होता है।
- चार्ट तैयार होने से पहले: अगर कोई यात्री टिकट कैंसल करता है, तो RAC सीटें कन्फर्म्ड में अपग्रेड होने लगती हैं।
- चार्ट तैयार होने के बाद: ट्रेन के चार्ट तैयार होने के बाद, जो RAC टिकट कन्फर्म नहीं हुए, उन यात्रियों को शेयर्ड सीट आवंटित की जाती है। आमतौर पर, एक स्लीपर बर्थ को दो RAC यात्रियों के बीच बांट दिया जाता है (प्रत्येक को आधी बर्थ)।
- ट्रेन में: ट्रेन चलने के बाद भी अगर कोई कन्फर्म्ड यात्री नहीं आता (नो-शो), तो TTE उसकी सीट RAC यात्री को दे सकता है।
RAC vs WL vs CNF – अंतर समझें (Comparison Chart)
| क्र.स. | स्टेटस | पूरा नाम | यात्रा की अनुमति? | सिट की गारंटी? | अपग्रेड की संभावना |
| 1. | CNF | Confirmed | ✅ हाँ | ✅ हाँ (पूरी सिट) | पहले से ही कन्फर्म |
| 2. | RAC | Reservation Against Cancellation | ✅ हाँ | ⚠️आधी सीट (शेयर्ड) | बहुत अधिक (कैंसलेशन पर सीट) |
| 3. | WL | Waitlist | ❌ नहीं | ❌ नहीं | कैसलेशन के आधार पर |
RAC टिकट पर यात्रा के टिप्स : TravelHacks
- TTE से मिलें: ट्रेन में चढ़ते ही टीटीई से संपर्क करें। वह आपको बर्थ आवंटित करेगा और किसी भी खाली सीट के बारे में बता सकता है।
- PNR लगातार चेक करें: यात्रा से 4-5 घंटे पहले, जब चार्ट तैयार होता है, अपना PNR Status चेक करते रहें। हो सकता है आपकी सीट कन्फर्म हो जाए।
- शेयर्ड सीट का सही उपयोग: RAC में आमतौर पर स्लीपर बर्थ के निचले हिस्से (लोअर बर्थ) को दो लोगों के बीच बांटा जाता है। आपसी सहमति से बैठने/लेटने का तरीका तय कर लें।
- ध्यान रखें: RAC टिकट पर केवल दो यात्रियों को ही एक बर्थ दी जाती है। अगर RAC नंबर 1 और 2 है, तो उन्हें एक ही बर्थ शेयर करनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs in Hindi) TrainFAQ
Q1: क्या RAC टिकट पर ट्रेन में चढ़ सकते हैं?
A: हां! RAC स्टेटस का सबसे बड़ा फायदा यही है। WL के विपरीत, RAC टिकट धारक को ट्रेन में यात्रा करने का अधिकार होता है।
Q2: RAC टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना रहती है?
A: संभावना बहुत अधिक (90% से ज्यादा) रहती है। चार्ट तैयार होने से पहले होने वाले कैंसलेशन के कारण ज्यादातर RAC टिकट कन्फर्म हो जाते हैं।
Q3: RAC नंबर 10 या 20 का क्या मतलब है?
A: यह आपकी प्राथमिकता क्रम संख्या है। RAC 1 को कैंसल होने वाली पहली कन्फर्म सीट मिलेगी, फिर RAC 2 को, और इसी तरह आगे। RAC नंबर जितना कम होगा, सीट कन्फर्म होने की उतनी ही ज्यादा संभावना है।
Q4: RAC और WL में क्या अंतर है?
A: मुख्य अंतर यात्रा की अनुमति का है। RAC = यात्रा की अनुमति है (शेयर्ड सीट पर)। WL = यात्रा की कोई अनुमति नहीं है, सीट तभी मिलेगी जब टिकट कन्फर्म हो जाए।
Q5: चार्ट तैयार होने के बाद RAC का क्या होता है?
A: चार्ट तैयार होने के बाद जो RAC टिकट कन्फर्म नहीं हुए, उन्हें “शेयर्ड सीट” आवंटित कर दी जाती है। टिकट पर उनका स्टेटस फिर भी RAC ही दिखेगा, लेकिन उन्हें बर्थ नंबर भी दिया जाएगा (जैसे: B4 – 1/2, यानी B4 बर्थ का आधा हिस्सा)।
Q6: क्या RAC टिकट कैंसल करने पर पूरे पैसे वापस मिलते हैं?
A: हां! RAC टिकट को चार्ट तैयार होने से पहले कैंसल करने पर आपको पूरा रिफंड मिल जाता है (कुछ नाममात्र क्लर्क चार्ज कट सकते हैं)। यह WL टिकट से एक और बड़ा फायदा है।
Q7: RAC टिकट पर कौन सी क्लास में मिलता है?
A: RAC स्टेटस स्लीपर क्लास (SL) और सेकंड सीटिंग (2S) में उपलब्ध होता है। AC कोच (3A, 2A, 1A) में RAC नहीं होता।
निष्कर्ष :-
RAC in Train अगली बार जब आपका टिकट RAC दिखे, तो घबराएं नहीं! समझदारी से PNR चेक करें और ऊपर दिए गए टिप्स का पालन करें। ज्यादातर मामलों में आपकी सीट कन्फर्म हो जाती है। हैप्पी एंड स्मार्ट ट्रेवल! RAC in Train
(यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। नियम बदल सकते हैं, आधिकारिक IRCTC वेबसाइट पर अपडेट चेक करें।)